गुजरात में चुनावी नारे भाजपा को ले गए सफलता की और जानिए कौन से थे 2002 से लेके 2022 तक के चुनाव नारे

2002 से 2022 तक मैंने इस गुजरात को बनाया जैसे नारोंने भी जोर पकड़ा है। भाजपा ने 27 साल से समय की स्थिति के अनुसार अलग-अलग समय पर नारे लगाकर सफलता हासिल की है।

Nov 24, 2022 - 07:25
गुजरात में चुनावी नारे भाजपा को ले गए सफलता की और जानिए कौन से थे 2002 से लेके 2022 तक के चुनाव नारे
गुजरात में चुनावी नारे भाजपा को ले गए सफलता की और जानिए कौन से थे 2002 से लेके 2022 तक के चुनाव नारे

जब भाजपा 27 साल से सत्ता में है, तब भाजपा द्वारा दिए गए चुनावोन्मुख नारे सार्वजनिक बहस का विषय बन गए हैं। नारे नरेंद्र मोदी के शासन काल से दिए जा रहे हैं जब वह राज्य के तत्कालीन मुख्यमंत्री थे। 2002 से 2022 तक मैंने इस गुजरात को बनाया जैसे नारोंने भी जोर पकड़ा है। भाजपा ने 27 साल से समय की स्थिति के अनुसार अलग-अलग समय पर नारे लगाकर सफलता हासिल की है। साल 2002 से 2022 तक जानिए कौन-कौन से फॉर्मूले रहे हैं कारगर।

2002 में आतंकवाद के खिलाफ राष्ट्रवाद
2002 के चुनावों में भाजपा का मुख्य नारा आतंकवाद के खिलाफ राष्ट्रवाद था। इस समय गुजरात दंगों से त्रस्त था। इतना ही नहीं भाजपा की ओर से गौरवयात्रा भी निकाली गई। जिसमें बीजेपी ने गुजरात के गौरव और सम्मान को केंद्र बिंदु बनाया, तो यह नारा सबसे पहले लोगों के बीच चर्चा का केंद्र बना।

2007 में, जीतेगा गुजरात 
2007 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी का मुख्य नारा था 'जीतेगा गुजरात', बीजेपी के खिलाफ कांग्रेस को हराने की कोशिश की गई। बीजेपी ने यह नारा गुजरात को बदनाम करने की मुहिम के खिलाफ तैयार किया था।

2012 में, एकमत गुजरात, बने भाजपा की सरकार 
सोनिया गांधी ने नरेंद्र मोदी को मौत का सौदागर बताया और यह बयान दिया। 2012 में, भाजपा ने इस अन्याय के खिलाफ 'एकमत गुजरात, बने भाजपा सरकार' के नारे का सहारा लिया, जब नेताओं ने कहा कि केंद्र में तत्कालीन यूपीए सरकार द्वारा गुजरात के साथ गलत किया गया यह नेता बोलते थे ईसके साथ, तब यह नारा ईस प्रचार में कामयाब रहा था।

गुजरात स्थानीय चुनावों में  यह नारा था
इस चुनाव के दौरान भी बीजेपी ने 'गुजरात मक्कम भाजप के साथे अडिखम के नारे के साथ प्रचार किया, जिसमें भी बीजेपी को बड़ी सफलता मिली।

मैं विकास हूं, मैं गुजरात हूं के नारे को भी सफलता मिली
2017 के पिछले विधानसभा चुनाव में जब पाटीदार आंदोलन हुआ था और कड़ा मुकाबला हुआ था तब बीजेपी ने 'मैं विकास हूं, मैं गुजरात हूं' का नारा भी दिया था। जो सफल साबित हुआ। 2017 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने डबल डिजिट में सीटें जीती थीं।

2022 मैंने बनाया इस गुजरात को 
प्रधानमंत्री मोदी ने जब चुनावी बिगुल फूंका तो उन्होंने इस बार नारों के साथ प्रचार अभियान की शुरुआत की। 6 नवंबर को कपराडा में अपनी रैली में उन्होंने कहा कि जनता के योगदान से आज का गुजरात तमाम मुश्किलों से पार पा चुका है और गुजरात के लोग गर्व से कह सकते हैं कि मैंने बनाया यह गुजरात, यह नारा प्रसिद्ध भी हो रहा है।

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